As reported in Amar Ujala on 05/08/12

डिस्टिलरी से निकल रहा जहर आरटीआई से मांगी गई सूचना में जल निगम ने दिया जवाब

•सिटी रिपोर्टर
गोरखपुर। सरैया डिस्टिलरी सरदारनगर से जहर निकल रहा है। डिस्टिलरी द्वारा वायसी नाले में छोड़ा जाने वाला पानी पर्यावरण सुरक्षा नियमों के खिलाफ है। यह प्रदूषण नियंत्रण एक्ट 1971 का उल्लंघन है। यदि इसी प्रकार पानी छोड़ा जाता रहा तो स्थानीय जानवरों के जल ग्रहण करने और पानी में रहने वाले जीवों की मौत की संख्या बढ़ती जाएगी। इसके अलावा भूमिगत जल स्रोतों में लेड और आर्सेनिक जैसे जहरीले तत्वों का सांद्रण बढ़ता जाएगा। इससे जिले का कोई भी भूमिगत जल स्रोत भविष्य में सुरक्षित नहीं रहेगा। आरटीआई से मांगी गई सूचना पर जल निगम ने यह जानकारी दी है।
राजन यादव उर्फ अर्थी बाबा ने सूचना के अधिकार के तहत सरैया डिस्टिलरी के प्रदूषण की जांच के संबंध में जानकारी मांगी थी। जवाब में जल निगम के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि अशोक यादव की शिकायत पर कमिश्नर गोरखपुर मंडल के निर्देश पर डिस्टिलरी की जांच में पानी में आर्सेनिक और लेड की मात्रा मानक से अधिक मिली है। जांच में डिस्टिलरी प्रबंधन द्वारा गोपनीय भूमिगत नाला बनाने की भी पुष्टि हुई है। यहां जल शोधन संयंत्र खराब पड़े हैं।
•प्रदूषित पानी से तो नहीं सुरक्षित रहेंगे जलस्रोत
•जांच में लेड और आर्सेनिक की मात्रा अधिक मिली

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