प्रमुख चिकित्सा सचिव पर 25 हजार का जुर्माना

Reported by rajasthanpatrika.com on September 02, 2012
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जयपुर। राजस्थान सूचना आयोग ने सूचना अधिकार कानून के मामले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कामकाज पर नाखुशी व्यक्त की है। आयोग का कहना है कि बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी विभाग के अधिकारी न तो सूचना देते हैं और न ही सुनवाई के दौरान आयोग में आते हैं। ताजा मामले में आयोग ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग पर 25 हजार रूपए का जुर्माना लगाया है। उल्लेखनीय है कि अपीलार्थियों को सूचना देने में हो रही कोताही को लेकर आयोग पहले भी विभाग के अधिकारियों को लताड़ लगा चुका है। एक मामले में विभाग के तत्कालीन प्रमुख शासन सचिव बी.एन. शर्मा को आयोग में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना पड़ा था।

ताजा प्रकरण में जयपुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता डॉ.यदुनाथ दशानन ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से कन्हैयालाल गुप्ता बनाम शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रकरण में आयोग के फैसले की पालना में की गई जानकारी मांगी थी।

सूचना नहीं मिलने पर दायर द्वितीय अपील में कई बुलाने पर भी विभाग के अधिकारी उपस्थित नहीं हुए। इस पर आयोग ने प्रमुख शासन सचिव को व्यक्तिश: आयोग में बुलाया था, लेकिन वे भी नहीं आए। आयोग ने फैसले में लिखा है कि यह उदासीनता की पराकाष्ठा है। आयोग ने विभाग पर 25 हजार का जुर्माना लगाते हुए प्रमुख शासन सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे दण्ड की राशि दोषी कर्मचारी से वसूल कर तीस दिन में आयोग में जमा करवाएं।