आरटीआई बना शादी-ब्याह में पड़ताल का विश्वì
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- 09-11-2012, 05:35 AM #1
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आरटीआई बना शादी-ब्याह में पड़ताल का विश्वì
आरटीआई बना शादी-ब्याह में पड़ताल का विश्वसनीय माध्यम
REPORTED BY NISHANT RANDHAWA IN LIVEHINDUSTAN.COM ON 11SEP 2012
http://www.livehindustan.com/news/lo...catiopnvalue=1
नई दिल्ली निशांत राघव। शादी-ब्याह के लिए होने वाली पड़ताल में सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) वशि्वसनीय माध्यम बन रहा है। इसके माध्यम से दूल्हा-दुल्हन की नौकरी और उसके करियर की संभावनाओं और वेतन की पड़ताल की जा रही है। डीएमआरसी में डेढ़ वर्ष इस तरह की करीब डेढ़ सौ आरटीआई आवेदन दाखिल किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई बार लोग निर्धारित समयावधि से पहले ही जवाब देने की गुजारशि करते हैं। आवेदक आरटीआई के जरिये डीएमआरसी के व्यक्ति विशेष (अधिकारी अथवा कर्मचारी) से जुड़ी जानकारी मांगते हैं।
इनमें किस पद पर, कब से कार्यरत है, भविष्य में उसके आगे बढ़ने की क्या संभावना है और इस पद पर कितना वेतन मिलता है, जैसी सूचनाएं शामिल हैं। डीएमआरसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अनुज दयाल ने कहते हैं कि कई बार शादी के बाद वैवाहिक जोड़े और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लिहाजा, लोग इससे बचने के लिए और सच को परखने के लिए आरटीआई को हथियार बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि हर माह आने वाली सौ आरटीआई में से करीब दस-पंद्रह इसी तरह की होती हैं।
चूंकि आरटीआई का जवाब देने में 30 दिन का समय लगता है, लेकिन कई बार लोग जल्द जानकारी पाने की मिन्नत करते हैं, ताकि वे अपने रस्मो-रविाज को आगे बढ़ा सकें। पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह के अनुसार, किसी भी सरकारी मुलाजिम के संदर्भ में आरटीआई के माध्यम से जानकारी हासिल की जा सकती है। धारा-4 के तहत सरकारी विभाग में कार्यरत कर्मियों अथवा अधिकारियों के वेतनमान की जानकारी वेबसाइट पर देनी चाहिए। दरअसल शादी-ब्याह जैसे नाजुक मामलों में कई बार बिचौलियों से मिली जानकारी रशि्ता तय होने के बाद गलत साबित हो जाती है।
लोगों के मुताबिक रशि्ते के समय वर-वधू की नौकरी इत्यादि से जुड़ी जानकारियां में कई बार गड़बड़ी होने की वजह से रशि्ता टूटने से लेकर शादी के बाद तलाक तक की नौबत सामने आती है। ऐसे में लोगों को लगने लगा है कि बारीकी से करियर की पड़ताल करने के लिए आरटीआई से बेहतर कोई और विकल्प नहीं है।




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