As reported in Dainik Jagran on 12/09/12

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आखिर किसके निर्देश पर जारी हुआ था पत्र

जागरण संवाददाता, मेरठ : तिहरा हत्याकांड के आरोपी अफजाल के केस वापसी के संबंध में जारी हुए पत्र को लेकर शहर के लोगों में उबाल है। मंगलवार को अधिवक्ता संदीप पहल ने मुख्यमंत्री कार्यालय के जनसूचना अधिकारी से आइटीआइ के तहत केस वापसी के लिए भेजे गए पत्र के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारी मांगी है। इसमें पूछा गया है कि आखिर किसके निर्देश पर विशेष सचिव द्वारा यह पत्र जारी किया गया था। विशेष सचिव उत्तरप्रदेश राजेंद्र कुमार की ओर से भेजे गए पत्र में तिहरा हत्याकांड के एक आरोपी अफजाल के केस वापसी के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी। इसी पत्र को लेकर अधिवक्ता संदीप पहल ने जनसूचना अधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय से आरटीआइ के तहत इस पूरे प्रकरण को लेकर कुछ जानकारी मांगी। इसमें पूछा गया है कि यह पत्र किसके निर्देश पर जारी किया गया था? सत्तापक्ष के किस पदाधिकारी द्वारा सिफारिशी पत्र इस आदेश के साथ संलग्न था? इस संबंध में संबंधित पूर्ण पत्रावली तथा इस पर सभी आला अधिकारियों द्वारा की गई टिप्पणियों की प्रति भी मांगी गई है। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी मेरठ व अभियोजन अधिकारी द्वारा भेजी गई रिपोर्ट भी मांगी गई है। दूसरी ओर शहर के लोगों, सामाजिक संगठनों और छात्रों ने सरकार और आला अधिकारियों को इस मामले में घेरना शुरू कर दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मेरठ का दिल दहलाने वाली इस घटना के आरोपियों को फांसी देने की मांग की है। इसके अलावा फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इसके अलावा अधिवक्ता अरुण जैन ने कहा है कि तिहरे हत्याकांड के आरोपी का मुकदमा वापस लेना कानून का मजाक उड़ाने के बराबर है। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुसार, कार्यपालिका और न्यायपालिका अलग अलग हैं और दोनों को अपने क्षेत्र में कार्य करना चाहिए। इसके अलावा सर्वदलीय ज्ञापन भी सरकार और अधिकारियों को भेजा गया। इसमें आरोप लगाया कि आरोपियों को साजिश के तहत बचाने का प्रयास किया जा रहा है। गवाहों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है, इसके बावजूद पुलिस उनकी सुरक्षा की व्यवस्था नहीं करती। इस मामले में आरोपियों के पक्ष में कोई भी कार्रवाई हुई तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा।