सूचना देने में लापरवाही महंगी पड़ी, जुर्मì
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सूचना देने में लापरवाही महंगी पड़ी, जुर्मì
As reported in Dainik Jagran on 10/09/11
सूचना देने में लापरवाही महंगी पड़ी, जुर्माना
संवाददाता, गोरखपुर: आरटीआइ के तहत सूचना देने में लापरवाही बरतना गोरखपुर के पूर्व उप शिक्षा निदेशक सप्तम मंडल को महंगा पड़ गया। राज्य सूचना आयुक्त ने उन पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। प्रशासनिक सूत्रों मुताबिक सन् 2009 में अनिरुद्ध लाल ने आरटीआइ के तहत उप शिक्षा निदेशक कार्यालय से कुछ जानकारी मांगी थी। सूचना न मिलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त की शरण ली। राज्य सूचना आयुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अर्थदंड का आदेश दिया है। आयोग का पत्र शुक्रवार को जिला प्रशासन को मिला है। पत्र में कहा गया है कि 27 मई 2009 को इस मामले में राज्य सूचना आयुक्त द्वारा एक आदेश पहले भी जारी हो चुका है। पहले आदेश मे भी प्रतिवादी के खिलाफ जुर्माना लगाया गया था। किन्तु न तो वह आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही प्रकरण से सम्बंधित उनका कोई स्पष्टीकरण ही आयोग को प्राप्त हुआ। ऐसे में अब यह प्रकरण इस आदेश के साथ निस्तारित किया जाता है कि जुर्माना की धनराशि उनके वेतन से तीन समान किस्तों में नियमानुसार जमा कराई जाए।
Source: http://in.jagran.yahoo.com/epaper/ar...20715571132752
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Re: सूचना देने में लापरवाही महंगी पड़ी, जुर्म&
UPSIC gives such lollypop to RTI APPLICANTs and dismiss cases in such unbecoming of a manner and by the time (2 to 4 years) case reaches its end, neither applicant gets info nor PIO gets punished for not supplying proper info.Sponsorer
regards
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RTI INDIA




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