As reported in Dainik Jagran on 12/09/2011

रक्षा मंत्रालय ने सेना के दावे को भ्रामक करार दिया

नई दिल्ली, प्रेट्र : रक्षा मंत्रालय ने सैन्य मुख्यालय को कहा कि उसका यह दावा पूरी तरह भ्रामक है कि सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह की जन्मतिथि में अनियमितता उनकी सेवा की सिर्फ एक शाखा में है। सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के जरिए मिले दस्तावेजों में रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि तथ्यों एवं वास्तविकता के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता है कि रिकार्डो में कोई विसंगति नहीं है। यह कहना पूरी तरह भ्रामक होगा कि केवल एक शाखा में एक गलती है। यह कहा गया है कि जनरल सिंह की जन्मतिथि के मुद्दे पर भ्रम सैन्य सचिव शाखा के कारण ही है। जिसने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में प्रवेश के लिए दर्ज 10 मई 1950 के आधार पर उनकी जन्मतिथि लिखी है। मंत्रालय ने इससे पहले आरटीआइ के जवाब में कहा था जिसमें विधि सलाहकार (रक्षा) ने सैन्य प्रमुख की जन्म तिथि 10 मई 1951 स्वीकार किया था, उसे निरस्त किया जाना है क्योंकि सेना के एडजुटेंट जनरल की शाखा ने पूरे तथ्य अधिकारी के समक्ष नहीं मुहैया कराए। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अटॉर्नी जनरल द्वारा यह कहा गया था कि जन्म तिथि में सुधार कानूनी तौर पर मान्य नहीं है और इस मुद्दे को इस स्तर पर फिर से नहीं विचार किया जा सकता !

Source: http://in.jagran.yahoo.com/epaper/ar...20873774234520