As reported in Dainik Jagran on 12/09/11

सीबीआइ के पास 4.25 करोड़ की ट्रेप मनी

नई दिल्ली, प्रेट्र : सीबीआइ के पास घूसखोरी की शिकायत करने और उन्हें पकड़ाने वालों के करीब 4.25 करोड़ रुपये जमा हैं। यह रकम पिछले चार साल में भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए उपयोग में लाई गई थी। घूसखोरों को मौके पर पकड़ने के लिए इस्तेमाल की जाने रकम ट्रेप मनी कहलाती है। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में सीबीआइ ने यह जानकारी दी। सबसे ज्यादा दिल्ली में 86 मामलों में तीन करोड़ से ज्यादा की रकम ट्रैप मनी के रूप में उपयोग हुई। जबकि सबसे कम भुवनेश्वर में 42 मामलों में करीब डेढ़ लाख रुपये का उपयोग किया गया। रिश्वत की इस रकम में न्यूनतम 300 रुपये और अधिकतम 25 लाख रुपये है। सीबीआइ के आंकड़ों के अनुसार 2008 में कुल 129 मामले दर्ज किए गए। देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी ने वर्ष 2007 से 2010 के दरम्यान रिश्वत लेने के कुल 430 मामले पकड़े। 2009 में 107 और पिछले साल जनवरी व दिसंबर के बीच 87 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2008 में 31 लाख, 2009 में 28 लाख और 2010 में 63 लाख रकम नहीं लौटाई है। देश भर में करीब 50 भ्रष्टाचार अन्वेषण ब्यूरो व अन्य शाखाओं के जरिये यह रकम जमा हुई।

Source: http://in.jagran.yahoo.com/epaper/ar...20895171247464