‘30 दिन में निपटाएं आरटीआई आवेदन’
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‘30 दिन में निपटाएं आरटीआई आवेदन’
As reported in Amar Ujala on 02/07/12
Source: Article view
‘30 दिन में निपटाएं आरटीआई आवेदन’
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की बैठक
• अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त रणजीत सिंह पंकज ने जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों से आरटीआई संबंधी आवेदनों का निस्तारण हर हाल में 30 दिन के अंदर करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि विभाग का न होने पर आवेदन पांच दिन के अंदर संबंधित विभाग को ट्रांसफर कर दें। अगर कोई विभाग निर्धारित समय में सूचना उपलब्ध नहीं कराता है तो आवेदक सीधे राज्य सूचना आयोग में शिकायत कर सकते हैं।
रविवार को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने सर्किट हाउस में मंडलायुक्त समेत सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने तमाम अधिकारियों को समय सीमा के अंतर्गत अनिवार्य रूप से सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था बनाए जाने का निर्देश दिया। बताया कि आरटीआई (सूचना का अधिकार) के अंतर्गत सभी विभागों में जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी नामित हैं। किंतु आवेदनकर्ता 30 दिन के अंदर सूचना नहीं मिलने पर सीधे राज्य सूचना आयोग को आवेदन करता है। प्रत्येक माह की पहली तारीख को जिलाधिकारी की वेबसाइट पर राज्य सूचना आयोग में प्राप्त आवेदनों की सूची भेज दी जाती है। निर्देश देते हुए कहा कि जिले स्तर पर संबंधित विभागों के जन सूचना अधिकारी को उससे अवगत कराकर सूचना मांगी जाए और प्रथम अपीलीय अधिकारी दोनों पक्ष को बुलाकर समाधान कराएं। समय सीमा के अंतर्गत सूचना उपलब्ध नहीं कराने वाले जन सूचना अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट देने का निर्देश दिया।
इस मौके पर मंडलायुक्त के. रविंद्र नायक ने बताया कि जनपद में आरटीआई के सभी सूचनाएं निर्धारित तिथि से पहले उपलब्ध करा दी जाती हैं। इसमें और तेजी लाने और निर्देशों का अनुपालन ठीक से कराने के लिए जल्द ही कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। बैठक में डीआईजी मुथा अशोक जैन, एसएसपी आशुतोष कुमार, जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी, संयुक्त विकास आयुक्त वीके मिश्र, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. दिवाकर, एसपी सिटी लल्लन सिंह, एडीएम सिटी डीके तिवारी, एसडीएम समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
आरटीआई के संबंध में विभिन्न जानकारी दीं
•कोर्ट के निर्णय संबंधी जानकारी आरटीआई में नहीं दी जा सकती।
•अधिकारी के नोट्स के कारण नहीं बताए जा सकते
•2002 के पूर्व के बीपीएल कार्ड धारक द्वारा आरटीआई के तहत सूचना मांगने पर शुल्क नहीं लिया जाएगा
•जिन संस्थानों को सरकार द्वारा धन नहीं दिया जाता उन संस्थाओं से सूचना नहीं मांगी जा सकती
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Re: ‘30 दिन में निपटाएं आरटीआई आवेदन’
As reported in Dainik Jagran on 02/07/12Sponsorer
Source: http://in.jagran.yahoo.com/epaper/ar...44371375515384
महीने भीतर करें आवेदनों का निस्तारण
कार्यालय प्रतिनिधि, गोरखपुर : राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त रणजीत सिंह पंकज ने रविवार को निर्देश दिए कि आरटीआई के अन्तर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों का निस्तारण तीस दिनों के भीतर अवश्य कराया दिया जाय। ऐसा कोई आवेदन आया हो जो उस विभाग से संबंधित नहीं है, तो उसे पांच दिन के भीतर संबंधित विभाग को ट्रांसफर किया जाय। श्री पंकज सर्किट हाउस में मंडलायुक्त व दूसरे अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरटीआई के अन्तर्गत सभी विभागों में जन सूचना अधिकारी व प्रथम अपीलीय अधिकारी नामित हैं, किन्तु आवेदनकर्ता तीस दिन के भीतर अपना उत्तर न पाने पर सीधे राज्य सूचना आयोग को आवेदन करता है। श्री पंकज ने बताया कि हर महीने की पहली तारीख जिलाधिकारी के वेबसाइट पर राज्य आयोग ने प्राप्त आवेदनों की सूची भेज दी जाती है। जिला स्तर पर संबंधित विभागों के जन सूचना अधिकारी को उससे अवगत कराकर सूचना की मांग की जाय तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी दोनों पक्षों को बुलाकर समाधान कराएं। साथ ही यह भी बताया कि जन सूचना अधिकारी द्वारा सूचना न दिए जाने पर उनको चार्जशीट भी दी जाय। उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्णय, अधिकारी के नोट्स आदि के कारण नहीं बताए जा सकते हैं। साल 2002 के पूर्व बीपीएल कार्डधारक से आरटीआई के अन्तर्गत सूचना मांगने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सेक्शन दो के अन्तर्गत उन संस्थाओं से सूचना की मांग नहीं की जा सकती जिन्हें सरकार द्वारा कोई धन नहीं दिया गया है। सूचना की मांग में यदि छायाप्रति की मांग की जाय तो प्रति पृष्ठ दो रुपए अथवा बड़ा कागज होने पर बाजार मूल्य के अनुसार शुल्क लिया जा सकता है। मंडलायुक्त के. रविन्द्र नायक ने बताया कि इस जिले में आरटीआई के अन्तर्गत सभी सूचनाएं समय से दी जाती हैं। आयोग से प्राप्त आवेदनों का पन्द्रह-बीस दिन में निस्तारण करा दिया जाएगा। इसमें और तेजी लाने तथा निर्देशों का अनुपालन ठीक से कराने के लिए जल्द एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर डीआईजी मुथा अशोक जैन, जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी, एसएसपी आशुतोष कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त वीके मिश्र, अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. दिवाकर प्रसाद, एपी सिटी लल्लन सिंह सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे।
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Re: ‘30 दिन में निपटाएं आरटीआई आवेदन’
FACTS:
1. Applicant is forced to (SHOW RESPECT TOWARDS ICs) stand up on arrival of IC and its done by personal staff of IC/CIC.
2. CIC calls applicant (instead of calling PIO) and asks how the provided info is incorrect/false/misleading or asks applicant to prove that info is not supplied to him/her after listening applicant takes nothing on record and disposes the case finally.
CONTINUED------
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